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Anindya
  • 13th Jan 19

  • By Anindya Banerjee

नमस्कार मेरा नाम अनिंदो बनर्जी है। आज मैं अपनी ज़िन्दगी का एक छोटा सा हिस्सा आप लोगों को बताने जा रहा हूँ। शुरू से ही एक ख्वाइश थी की मैं एक अच्छे संस्थान से MBA करू, लेकिन मेरी यह इच्छा मन में ही रह गई , फिर मैंने अपना व्यवसाय TITAN कंपनी से शुरू किया और मैंने वहां पर मन लगाकर काम किया और मुझे बहुत सफलताएं भी प्राप्त हुई , लेकिन मेरे मन में एक ही बात रहती थी की मैंने सिर्फ ग्रेजुएशन ही की है, और मुझे किसी भी हालत में एक अच्छे संस्थान से MBA करना ही है। क्योंकि मैं देख रहा था की अगर मुझे आगे बढ़ना है तो मुझे MBA करनी ही पड़ेगी। मेरे मेहनत करने के बावजूद भी मेरे साथियो जिन्होंने MBA किया हुआ था उन्हें ज्यादा अच्छे अवसर प्राप्त होते थे। क्योकि मैंने ग्रेजुएशन के बाद ही काम शुरू कर दिया था| तो मुझे MBA करने का मौका नहीं मिला। टाइटन कंपनी के बाद मैंने Whirpool कंपनी के साथ भी काम किया, उस कंपनी में मैं पहले सेल्स में था फिर उसी कंपनी में मार्केटिंग टीम में काम किया। उसके बाद 1998 में मैंने Luxor writing instruments pvt. ltd ज्वाइन किया और इस कंपनी में भी मैंने बहुत लगन और मेहनत के साथ काम किया| मुझे मेरी भूमिका में एक नेशनल अवार्ड मिला (सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय सेल्स योजना और प्रचार प्रबंधक). लेकिन मेरे अंदर वह बात घूम रही थी की मुझे किसी भी हाल में MBA करनी ही है। फिर सन 2000 में मेरे सामने एक मौका आया जब Xavier institute of management ने एक MBA प्रोग्राम का प्रचार डाला था कार्यकारिणी के लिए, जिसको कार्यकारी पोस्ट ग्रेजुएट कहा जाता था। तो मैंने सोचा की येही मौका है अपने सपने को पूरा करने का चाहे जितने भी मुश्किल आये मुझे ये डिग्री को प्राप्त करने का तो मैंने जी.डी और इंटरव्यू दिया आख़िरकार मेरा MBA में दाखिला हुआ। लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल यह थी की मैं जिस कंपनी में काम कर रहा था उस कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन को मनाना था की मैं नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई करूँगा। और आखिरकार मेरी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन ने मुझे यह अवसर प्राप्ति का एक मौका दिया और 2000 से 2003 तक में मैंने हर मुश्किलें का सामना किया और अपनी ज़िद्द पर अड़ा रहा और मैंने अपनी MBA की पढ़ाई पूरी करी।

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