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sourav
  • 21st Dec 18

  • By Ashish Gupta

मेरा नाम आशीष गुप्ता है और मेरी फर्म का नाम है देहरादून मार्बल हाउस जिसमे हम टाइल्स बेचते है | मैंने 15 साल पहले अपने पापा का बिज़नेस ज्वाइन किया था जिसमे वो सीमेंट , टाइल्स ,बदरपुर इत्यादि प्रोडक्ट्स बेचा करते थे |

जब मैंने वहां जाना शुरू किया तब वो दूकान के बाहर ही चेयर लगा कर बैठते थे और सारे प्रोडक्ट्स के लिए लोगों से खुद ही डील करते थे | उनका मानना था की अगर आप कस्टमर को अच्छे से सर्व करेंगे तो कस्टमर आपको कुछ ना कुछ काम जरूर देगा और उन्होंने उसी सिद्धांत पर काम किया |

जब मैंने उनको ज्वाइन किया तब हमने निर्णय लिया कि हमे टाइल्स का ज्यादा काम करना चाहिये और वो हमे बहुत ज्यादा फायदा देगा | उस समय वो लोकल मार्किट से खरीदकर थोड़ी बहुत टाइल्स बेचते थे और हमारे बारे में बाकी दुकान वालो की धारणा थी कि हमारी दूकान बहुत छोटी है |

मेरी हमेशा से एक ख्वाइश थी कि मै एक बड़ा शोरूम खोलू और मैंने वो सपना अपनी लगन और ज़िद्द से पूरा किया तथा आज हमे "कजारिया टाइल्स" की सबसे ज्यादा टाइल्स बेचने का अवार्ड मिला| आज हम इंडिया के सबसे बड़े टाइल्स के डिस्ट्रीब्यूटर है और अब बाकी सारे दुकानदार कहते है कि हमारे काम करने के तरीके से कुछ सीखना चाहिए | यह है मेरी "कहानी ज़िद्द की"।

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000