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Deepak Sharma
  • 11th Jan 19

  • By Deepak Sharma

मेरा नाम दीपक शर्मा है, मैं दिल्ली से हूँ। अपने कार्येकाल की शुरवात में जब मैंने पहली नौकरी पकड़ी तब मैं बेतजुर्बेकार व्यक्ति था और मैंने बहुत ही मामूली वेतन पर कार्यालय में काम शुरू किया। चूँकि मैं बेतजुर्बेकार था किसी भी सहकर्मी ने मेरी ओर ना ध्यान दिया ना ही किसी कठिन परस्थिति में मेरी कोई मदद की। मुझे अपने कार्य से लगाव था इसलिए मैंने हर परस्थिति में आगे बढ़ने की ठानी और मैं कार्य सिखने के अवसर तलाश करता रहा, अपने कठिन परिक्षम से एक ही साल के भीतर इतनी तरक्की कर ली जो बाकि लोगो ने 6-7 सालो में प्राप्त की होगी।

कोई साथ दे न दे आपकी ज़िद्द आपके साथ है जो आपको मंज़िल तक पहुचायेगी। दोस्तों ज़िद्द करो ज़िद्द अच्छी है।

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000