Share
Share
mukesh
  • 13th Dec 18

  • By Mukesh

अच्छी ख़ासी चलती हुई ज़िंदगी में जब कभी रुकावटें आती हैं… तो ऐसा लगता है की कभी सब नॉर्मल नही हो पाएगा.

और खास तौर पे तब, जब आप ऐसी उम्र से गुज़र रहें हो जब आप के अरमानो को नये नये पंख लगे हों.

जी, ये तभी की बात है जब मैं ग्यारवी कक्षा में पड़ता था और अपने करियर के बारे मैं सोचा करता था. एक एवरेज स्टूडेंट के पास ज़्यादा ऑप्षन्स तो नही होते, लेकिन उस उमर में शेख चीली तो सब होते हैं| मैं भी अपने लिए प्लानिंग करता रहता था और अपने आप को अलग अलग भूमिकाओं में देखा करता था.

पर तभी हमारे घर में फाइनान्षियल क्राइसिस हो गया… कारण ज़रूरी नही पर ये जरूर बताना चाहूँगा की मेरे सपनो के सब हवा महल धराशायी हो गये… हाल ऐसा बुरा था की मैने अपनी रेग्युलर पढ़ाई छोड़ दी और डिस्टेन्स लर्निंग में अपने आप को एनृोल्ल कर लिया. मक़सद साफ़ था, मैं चाहता था की मैं, इस मुश्किल घड़ी में मैं अपनी फॅमिली को फाइनॅन्षियली सपोर्ट करूँ. और तब सिलसिला शुरू हुआ नौकरी ढूंढने का.

यह आसान रास्ता नहीं था… कितने कॉल्स, कितने इंटरव्यूस.. और ना जाने कितने रिजेक्शन… पर एक मेरी ज़िद्द, सबका सामना करने के लिए| मुझे नही पता की मैं इतना ज़िद्दी कैसे था, पर आज सोचता हूँ तो शुक्र मनाता हूँ की मैने अपनी ज़िद्द नहीं छोड़ी और उसीका नतीजा था की मुझे मेरे पापा के दोस्त की दुकान पे असिस्टेंट की नौकरी मिल गयी… आक्च्युयली नौकरी नही – ज़रूरत थी… कोई फिक्स्ड सॅलरी नही, जो चाहता, महीने के आख़िर में दे देते.

साथ साथ में पड़ता गया , मैने अपनी ज़िद्द को नही छोड़ा| कभी कभी ज़रूर लगता था, की मैं ये सब नही कर पा रहा जो मैं करना चाहता था| पर मैने अपनी ही ज़िद्द के आगे घुटने टेके और पूरी ईमानदारी से अपना काम किया और अपनी पढ़ाई की.

और फिर मैं ग्रॅजुयेट हो गया और मुझे मौका मिला मल्टिपलेक्स में काम करने का, वहाँ मैने कस्टमर सर्विस सीखी, अपने तजुर्बे को बढ़ाया. उसके बाद मुझे पीडिलीते जैसी बड़ी कंपनी में मौका मिला. मैं एक जूनियर पोस्ट पे था, पर यूयेसेस जॉब से बहुत खुश था और में चाहता था की मैं इस नौकरी में कुछ करूँ… अपने आप को प्रूव करना चाहता था, मैने मेहनत की और धीरे धीरे मेरे प्रमोशन्स होते गये.

फिर में हाइयर पोस्ट पे नयी कंपनी ज्वाइन की जहाँ मैने लघ्हबघ सात साल काम किया… और आज मैं एक मैनेजर की पोस्ट पर हूँ , और गर्व से कह सकता हूँ की अगर मैने अपनी ज़िद्द छोड़ दी होती तो में आज इस मुकाम पर नही होता |

एक बात जरूर कहना चाहूँगा की मैं ये मानता हूँ अगर किसी भी व्यक्ति ने अपनी लाइफ में फेलयऱस फेस नही किया , तो शायद कभी कुछ ट्राइ ही नहीं किया ..

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000